गुना जिले के आरोन क्षेत्र में एक पीड़ित परिवार को लगातार धमकाने और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को चार नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।

जनसुनवाई में पहुंचे थे पीड़ित परिवार के साथ

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित बृजेश प्रजापति अपनी पत्नी और बच्चों के साथ 11 अगस्त को आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी जमीन बचाने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई थी। अपनी आपबीती सुनाते समय वे काफी भावुक भी हो गए थे।

बृजेश प्रजापति का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमीन आवंटित हुई थी। इसी कुटीर और जमीन को लेकर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कृष रघुवंशी और उनके साथियों के साथ उनका विवाद चल रहा है। आरोप है कि पिछले तीन साल से लगातार उनकी जमीन हड़पने के प्रयास किए जा रहे हैं।

बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ा असर

पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों की धमकियों के कारण उनके चारों बच्चे बेहद डरे हुए हैं। स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों के साथ गाली-गलौज की जाती है, जिससे उनका मानसिक माहौल खराब हो रहा है और उनकी पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

बृजेश ने हरिसिंह नाम के व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसे धमकी दी गई थी कि यदि कहीं भी शिकायत की गई या कोई कानूनी कदम उठाया गया, तो उसे जान से खत्म करवा दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने सीधे जिला कलेक्टर के समक्ष गुहार लगाई थी।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

कलेक्टर जनसुनवाई में दिए गए शिकायती आवेदन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने मामले को जांच के लिए आरोन थाने भेजा। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

आरोन थाना पुलिस ने पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कृष रघुवंशी, उनके बेटे, भाई और भतीजे समेत कुल चार लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ गाली-गलौज और परिवार को जान से धमकाने सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।