गुना जिले में महिला स्व-सहायता समूहों की स्थिति को मजबूत करने और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और शक्तिशाली महिला संगठन समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मुलाकात की। इस दौरान जिले में महिलाओं के लिए चलाए जा रहे कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा की गई।
उमरी की महिलाओं ने तैयार किए इको-फ्रेंडली उत्पाद
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि सीएमएस फाउंडेशन और शक्तिशाली महिला संगठन समिति के सहयोग से उमरी गांव की करीब 200 स्व-सहायता समूह की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस हुनरमंद प्रशिक्षण के बाद महिलाओं ने कई प्रकार के आकर्षक और उपयोगी सामान अपने हाथों से तैयार किए हैं।
प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं ने गोबर से बने पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद, जूट के थैले, विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां और पारंपरिक लोक कला से जुड़े सामान बनाए हैं। प्रतिनिधिमंडल इन उत्पादों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचा था, जहां उन्होंने ये वस्तुएं कलेक्टर को दिखाईं और उपहार स्वरूप भेंट कीं।
कलेक्टर ने की सराहना, राशन दुकानों पर बेचने का सुझाव
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने महिलाओं की इस मेहनत और उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की खुलकर प्रशंसा की। इस सराहनीय कार्य के लिए स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए, ताकि उनका मनोबल बढ़ सके।
इस दौरान कलेक्टर ने एक उपयोगी सुझाव देते हुए कहा कि महिलाओं द्वारा बनाए गए इन स्थानीय उत्पादों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकानों और प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाए। ऐसा होने से महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक स्थानीय बाजार मिलेगा और उनकी आमदनी में भी इजाफा होगा।
बमोरी ब्लॉक तक होगा विस्तार
प्रशासनिक स्तर पर इस स्वरोजगार अभियान का दायरा अब और अधिक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि इस कार्यक्रम को बमोरी ब्लॉक तक विस्तारित किया जाए। योजना के तहत म्याना और उमरी क्षेत्र की लगभग 300 नई महिलाओं को चिन्हित कर आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला प्रशासन की ओर से महिलाओं के इन प्रयासों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता और सहयोग देने का भरोसा दिलाया गया है, जिससे ग्रामीण अंचल में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!