गुना जिले के उमरी चौकी अंतर्गत आने वाले भिड़रा गांव में करीब दो साल पहले हुई एक बड़ी डकैती की वारदात में न्यायालय ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने आरोपी गंगाराम पारदी, जो कनारी का रहने वाला है, को दोषी करार देते हुए तीन साल के कारावास की सजा दी है। इसके साथ ही आरोपी पर एक हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
जंगला तोड़कर उड़ाई थी नकदी और जेवर
यह पूरी घटना 2 जून 2024 की रात की है। पीड़ित भगवान सिंह धाकड़ ने 3 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात के समय वे घर के नीचे सो रहे थे और उनका बेटा-बहू ऊपर वाले कमरे में थे। अगली सुबह जब उन्होंने कमरे का ताला खोला, तो पीछे की खिड़की की जाली टूटी हुई मिली और कमरे से तिजोरी गायब थी।
पीड़ित परिवार के अनुसार, बदमाशों ने घर में रखे लगभग साढ़े पांच किलो चांदी के आभूषण, करीब 150 ग्राम सोने के जेवर और दो लाख रुपए नकद पर हाथ साफ किया था। चोरी गए माल की कुल कीमत लाखों रुपए आंकी गई थी।
पुलिस हिरासत में हुई थी देवा की मौत
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने गंगाराम पारदी और देवा पारदी नामक दो संदिग्धों को पकड़ा था। दोनों को म्याना थाने लाया गया था, जहां पूछताछ में गंगाराम ने जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर चोरी गया माल भी बरामद कर लिया गया था।
देवा पारदी की पूछताछ के दौरान पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी और एक एसआई पर हत्या का केस दर्ज किया गया था और फिलहाल इस मौत की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
तीन अन्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस ने अपनी विवेचना पूरी करने के बाद मुख्य दोषी गंगाराम पारदी के खिलाफ चालान कोर्ट में पेश किया था, जहां सुनवाई के बाद उसे सजा सुनाई गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस डकैती की वारदात में शामिल तीन अन्य बदमाश अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और उनकी तलाश की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!