गुना जिले के राघौगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी संतोष अलावा पर भ्रष्टाचार का गाज गिरी है। आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति आदेश जारी करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
यह पूरा प्रकरण मकसूदनगढ़ के अंतर्गत आने वाले तिलक चौक स्थित आंगनवाड़ी केंद्र से जुड़ा हुआ है। इस केंद्र पर सहायिका के पद पर रानी सेन का चयन किया गया था, लेकिन चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परियोजना अधिकारी द्वारा उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं सौंपा जा रहा था।
पीड़िता के परिजनों ने नियुक्ति आदेश के वास्ते कई चक्कर काटे, परंतु अधिकारी की ओर से हीलाहवाली जारी रही। इसके बाद मामले की शिकायत उच्च स्तर पर करने का निर्णय लिया गया।
कॉल रिकॉर्डिंग के साथ जनसुनवाई में की गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता हिमांशु सेन ने इस मामले में गत 28 अप्रैल को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचकर गुहार लगाई थी। उनके अनुसार, जितेंद्र यादव नामक एक दलाल के जरिए परियोजना अधिकारी संतोष अलावा ने 25 हजार रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता ने केवल मौखिक आरोप नहीं लगाए, बल्कि रिश्वत मांगे जाने से जुड़ी फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के तौर पर कलेक्टर को सौंपी थी। इस पुख्ता सबूत के बाद प्रशासन हरकत में आया।
जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर हुई कार्रवाई
कलेक्टर के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। जांच दल ने तमाम बिंदुओं की गहराई से पड़ताल करने के बाद 27 मई को अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी।
जांच प्रतिवेदन में परियोजना अधिकारी संतोष अलावा को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई। इसके अतिरिक्त, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक की तरफ से भी विभागीय कार्यों में रुचि न लेने के मामलों में अधिकारी पर कार्रवाई का प्रस्ताव था।
इन तमाम तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ग्वालियर संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने राघौगढ़ परियोजना अधिकारी संतोष अलावा के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस प्रशासनिक कार्रवाई से स्थानीय महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!