गुना जिले में धनिया व्यापारी के कर्मचारी से हुई 17 लाख रुपए की बड़ी लूट के मामले में आरोपी को कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। इस वारदात में शामिल आरोपी संजीव यादव की ओर से अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई थी, जिसे सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। पुलिस इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को शिकंजे में ले चुकी है।

निचला बाजार रपटे के पास हुई थी वारदात

घटना बीती 8 जुलाई की है, जब गुना शहर के निचला बाजार रपटे के नजदीक कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के कर्मचारी को निशाना बनाया गया था। इस संबंध में वासुदेव शर्मा, जो मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले के ग्राम तेजासर के रहने वाले हैं और वर्तमान में गुना के चौधरी मोहल्ला में निवास करते हैं, ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि वह अपने सेठ के निर्देश पर पचोर से फर्म के 15 लाख रुपए का कलेक्शन लेकर आए थे। इसके अलावा गुना से भी 2 लाख रुपए एकत्र किए गए थे। कुल 17 लाख रुपए नकद एक बैग में रखे हुए थे और वह कुंभराज जाने के लिए निकले थे, तभी बदमाशों ने उन्हें घेर लिया।

आंखों में स्प्रे झोंककर छीना था रुपयों से भरा बैग

पीड़ित कर्मचारी ने पुलिस को दी गई जानकारी में बताया कि जब वह निचला बाजार रपटे के पास से गुजर रहे थे, तभी तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी आंखों में कोई ज्वलनशील या मिर्चनुमा स्प्रे डाल दिया। इससे पीड़ित कुछ देख नहीं पाया और बदमाश रुपयों से भरा पूरा बैग छीनकर मौके से भाग निकले। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।

सक्रियता दिखाते हुए पुलिस ने घटना के मात्र 17 घंटे के भीतर ही दो आरोपियों सौरभ यादव (निवासी उनारसीकला, विदिशा) और राघव शर्मा (निवासी नारायण कॉलोनी, आरोन, गुना) को दबोच लिया था। उनके पास से लूटी गई रकम में से 16 लाख 27 हजार रुपए बरामद कर लिए गए थे।

पड़ोसी की मुखबिरी और साजिश का खुलासा

पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान इस पूरी वारदात की एक-एक परत खुली। उन्होंने बताया कि उन्होंने रुद्र गोस्वामी (निवासी आरोन) के साथ मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी। वारदात के बाद रुद्र मोटरसाइकिल से दूसरे रास्ते से फरार हो गया था। इसके साथ ही उन्होंने राहुल जाटव से 50 हजार रुपए देने के एवज में उसकी स्विफ्ट कार ली थी, जिससे वे गुना बायपास तक पहुंचे थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुनीम के आसपास रहने वाले व्यक्ति ने ही आरोपियों को उसकी गतिविधियों और मकान की जानकारी दी थी। इस आधार पर पुलिस ने मुखबिरी करने वाले विजय उर्फ संजीव यादव (निवासी अमरोद, थाना पिपरई, अशोकनगर) को गिरफ्तार किया। साथ ही, भागने में सहायता करने वाले राहुल जाटव को भी पकड़ा गया, जिसके पास से 50 हजार रुपए और प्रयुक्त कार बरामद हुई थी।