गुना जिले की चांचौड़ा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए चोरी के एक मामले में पिछले 11 वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए शातिर आरोपी नेपाल बॉर्डर तक जा पहुंचा था और वहां साधु के रूप में अपनी जिंदगी बिता रहा था।
साल 2015 में दर्ज हुआ था चोरी का मुकदमा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बीनागंज के बरवटपुरा निवासी घनश्याम शिल्पकार पुत्र शिवनारायण ने वर्ष 2015 में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद चांचौड़ा थाने में उसके खिलाफ चोरी की धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया गया था। कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद से ही आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर था और अदालत में पेश नहीं हो रहा था। लगातार पेशी से गायब रहने के कारण चांचौड़ा न्यायालय द्वारा उसकी गिरफ्तारी के वास्ते स्थायी वारंट जारी किया गया था।
ग्वालियर हाई कोर्ट से भी था वारंट जारी
घनश्याम शिल्पकार पर केवल चोरी का ही शिकंजा नहीं कसा था, बल्कि ग्वालियर हाई कोर्ट से भी उसके खिलाफ दुर्घटना से जुड़े एक अन्य मामले में जमानती वारंट जारी किया गया था। यह मामला सड़क दुर्घटना में मौत से संबंधित था, जिसमें भादवि की धारा 279, 304(ए) और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण क्रमांक 960/16 दर्ज था। इन दोनों मामलों में आरोपी लंबे समय से कानून की नजरों से बचता फिर रहा था।
नेपाल सीमा के पास मंदिर में छिपा था साधु बनकर
फरारी के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी ने ऐसा तरीका अपनाया कि हर कोई हैरान रह गया। वह भागकर नेपाल बॉर्डर तक चला गया और काठमांडू के नजदीक स्थित चिड़ियाला माता मंदिर में साधु का चोला ओढ़कर रहने लगा। अपनी पहचान पूरी तरह मिटाने के लिए उसने बाल और दाढ़ी बढ़ा ली थी तथा संतों की भांति कपड़े पहनकर खुद को महात्मा के रूप में प्रस्तुत कर रहा था।
गुप्त सूचना पर गांव से धरा गया आरोपी
स्थानीय पुलिस लगातार उसकी सुरागरसी में जुटी हुई थी और इसके लिए मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय किया गया था। इसी बीच शुक्रवार की रात आरोपी चुपचाप अपने पैतृक गांव बरवटपुरा वापस लौट आया। जैसे ही उसकी मौजूदगी की खबर चांचौड़ा पुलिस को मिली, पुलिस दल ने त्वरित कदम उठाते हुए दबिश दी और उसे धर दबोचा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!