दतिया में हाल ही में जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्र के किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने अन्नदाताओं को आश्वस्त किया कि कृषि अब घाटे का सौदा नहीं रही है, बशर्ते इसमें आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाए।
खेती को बनाएं आमदनी का मजबूत जरिया
मुख्यमंत्री ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे अपनी पुश्तैनी जमीन को बिल्कुल न बेचें। उन्होंने विश्वास जताया कि खेती-किसानी का आने वाला समय बेहद सुनहरा रहने वाला है। किसानों को पारंपरिक तरीकों से हटकर आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाना चाहिए, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
गेहूं खरीदी और बिजली आपूर्ति पर सरकार का फोकस
सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि इस वर्ष राज्य में 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीदी की गई है और भविष्य में इसे 2700 रुपए प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। इसके अलावा, धान की औसत पैदावार 32 क्विंटल से बढ़कर 36 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पहुंच चुकी है। गेहूं और चने की फसल के लिए किसानों को दिन के समय ही बिजली मुहैया कराने की बात भी कही गई।
ऋण चुकाने की अवधि बढ़ी और कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी
किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खाद और बीज के लिए लिए गए कर्ज को अब 31 मार्च की बजाय जून-जुlais तक शून्य प्रतिशत ब्याज पर जमा किया जा सकेगा। उन्होंने खेती के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और उद्यानिकी से जुड़ने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने एमएससी एग्रीकल्चर के छात्र हरिमोहन राजपूत सहित अन्य किसानों से उनके अनुभव साझा किए।
महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी में कुल 16 स्टॉल सजाए गए थे, जहां रीपर कम बाइंडर, डीएसआर मशीन, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर, स्ट्रॉ रीपर, थ्रेशर, लेजर लैंड लेवलर और रोटावेटर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!