दतिया में विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाई गई एक झूठी जानकारी को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। मतगणना प्रक्रिया को लेकर एक भ्रामक पोस्ट इंटरनेट और व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से प्रसारित की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मंगलवार की रात को अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया है।

क्या था सोशल मीडिया पोस्ट में दावा

गत 3 अगस्त को मतगणना के दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई थी। इसमें दावा किया गया था कि चुनाव के अंतिम तीन चरणों में आजाद समाज पार्टी (ASP) को एक भी वोट प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, निर्वाचन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 13वें, 14वें और 15वें राउंड में इस दल को वोट मिले थे।

कलेक्टर कार्यालय की शिकायत पर हुई कार्रवाई

सामने आए इस तथ्य के बाद जब मामले की जांच की गई, तो वायरल पोस्ट पूरी तरह से भ्रामक और असत्य पाई गई। इस गड़बड़ी और भ्रम की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर कार्यालय की तरफ से इस मामले में सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए थे।

ईवीएम और मतगणना की विश्वसनीयता पर भ्रम फैलाने की कोशिश

पुलिस का कहना है कि इस तरह की झूठी पोस्ट के माध्यम से मतगणना प्रक्रिया और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर जनता के बीच भ्रम का माहौल पैदा किया जा सकता था। इसी गंभीर पहलू को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित पोस्ट सबसे पहले किस सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड की गई थी। इसके साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि यह संदेश किन-किन व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर हुआ और किन लोगों ने इसे आगे फॉरवर्ड किया।