निर्धारित समय-सीमा में नहीं किया गया काम

दतिया जिले की भाण्डेर नगर परिषद क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारी भगवत कुशवाहा को पेंशन केवाईसी और संबल सत्यापन का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंपा गया था। हालांकि, उनके द्वारा इस कार्य को तय समय-सीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया, जिससे विभागीय स्तर पर उच्च अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

दो बार थमाया गया था कारण बताओ नोटिस

कार्य में हो रही देरी को देखते हुए नगर परिषद की तरफ से 17 अगस्त को पहला नोटिस जारी कर कामकाज में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी स्थिति जस की तस रहने पर 20 अगस्त को उन्हें दूसरा नोटिस दिया गया, जिसमें लापरवाही को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा गया था।

कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत किए गए जवाब से मुख्य नगर पालिका अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। उच्च अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अनदेखी करने और प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता बरतने के बाद अंततः निलंबन की यह कार्रवाई अमल में लाई गई।

निलंबन काल में भाण्डेर रहेगा मुख्यालय

जारी किए गए आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान भगवत कुशवाहा का नियत कार्यालय नगर परिषद भाण्डेर ही रहेगा और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही सहन नहीं की जाएगी।