दतिया जिले के डगराकुआं गांव में रास्ते के विवाद को लेकर मां-बेटे के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण और समाज के लोग सोमवार को बड़ी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई।

खेत से लौट रहे मां-बेटे पर हमला

मिली जानकारी के अनुसार, बीती 20 अगस्त की सुबह गोविंद सिंह बघेल और उनकी माता प्रभा देवी अपने खेत से चारा लेकर गांव की ओर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें कुछ लोगों ने रोक लिया, जिसके बाद निकलने के विवाद को लेकर बहस शुरू हो गई।

शिकायत में बताया गया कि पंकज यादव, अंकित यादव, ज्ञानसिंह यादव, शिवराम यादव और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर गोविंद सिंह पर लाठी-डंडों और सरिए से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में गोविंद सिंह के हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी मां के साथ भी अभद्रता व मारपीट की गई।

फायरिंग और झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का आरोप

फरियादी खुशीराम बघेल ने पुलिस अधीक्षक को दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया कि घटना के दौरान हथियार से फायर कर गांव में दहशत फैलाई गई और परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। उनका यह भी कहना है कि पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में फायरिंग के दौरान लाइसेंसी हथियार का सही जिक्र नहीं किया है।

पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि दूसरे पक्ष के प्रभाव के कारण उनके ही परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई है, जिससे वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

एसपी ने दिया उचित कार्रवाई का भरोसा

एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने सभी नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी करने की मांग उठाई है। इसके साथ ही आरोपियों के हथियारों के लाइसेंस निरस्त करने और पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की भी अपील की गई।

पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने ग्रामीणों का पूरा ज्ञापन ध्यानपूर्वक पढ़ा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया है।