दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले दो अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रशासन ने दतिया और भांडेर स्थित इन सेंटरों का पंजीयन निरस्त कर दिया है और उनकी सोनोग्राफी मशीनों को भी सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई जांच के दौरान पाई गई गंभीर अनियमितताओं के बाद की गई है।

अनियमितताओं का खुलासा

भांडेर के रोहित अल्ट्रासाउंड सेंटर में निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। जांच टीम ने पाया कि यहां पंजीकृत चिकित्सक के स्थान पर एक टेक्नीशियन सोनोग्राफी मशीन का संचालन कर रहा था। इसके अतिरिक्त, सेंटर पर फॉर्म-एफ का कोई वैध रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। जिस दिन निरीक्षण किया गया, उस दिन की एंट्री भी रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली। मौके पर मांगे गए आवश्यक दस्तावेज भी सेंटर प्रबंधन द्वारा उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

इसी तरह, दतिया स्थित पीताम्बरा ईएनटी एंड अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर में भी गंभीर खामियां मिलीं। इस सेंटर का पंजीयन 23 जून को ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद, सेंटर द्वारा 4 जुलाई से 10 जुलाई तक गर्भवती महिलाओं सहित अन्य मरीजों की सोनोग्राफी की जा रही थी। इन जांचों का कोई रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया गया। साथ ही, रेफरल स्लिप में चिकित्सक का नाम भी स्पष्ट नहीं पाया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

जिला सलाहकार समिति का निर्णय

दोनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ मिली इन अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट जिला सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई। समिति ने शनिवार को हुई बैठक में इन गड़बड़ियों को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया। समिति ने सर्वसम्मति से दोनों सेंटरों का पंजीयन रद्द करने और उनकी सोनोग्राफी मशीनों को सील करने का आदेश दिया।

इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के सदस्य और मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।