दतिया विधानसभा उपचुनाव की गहमागहमी के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश नायक एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने के बावजूद कांग्रेस में सक्रिय रहे नायक के आवास पर भाजपा नेताओं की लगातार बढ़ती उपस्थिति ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
टिकट कटने के पीछे दिग्विजय सिंह का हाथ
रविवार रात प्रदेश मंत्री राकेश शुक्ला ने नायक के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की, जिसके बाद नायक ने अपने राजनीतिक भविष्य और हालिया घटनाक्रमों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर भले ही बड़प्पन दिखाया हो, लेकिन वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उनका टिकट कटने के पीछे वही मुख्य कारण थे। नायक ने दावा किया कि चुनाव से लगभग बीस दिन पहले उन्हें यह कहकर टिकट से वंचित कर दिया गया था कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से आते हैं और चुनाव जीतने के बाद भाजपा में वापस जा सकते हैं।
भाजपा नेताओं से मुलाकात पर नायक का स्पष्टीकरण
भाजपा नेताओं के साथ अपने बढ़ते संपर्कों पर अवधेश नायक ने कहा कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। उनके अनुसार, भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उनके पुराने मित्र हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला के साथ उनके तीन दशक पुराने पारिवारिक संबंध हैं। ऐसे में इन नेताओं का उनके घर आना-जाना स्वाभाविक है और इसे किसी राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
भविष्य के विकल्प और कार्यकर्ताओं से चर्चा
भाजपा में वापसी की संभावना पर नायक ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा, "मेरे लिए दोनों रास्ते खुले हैं।" वे अपने कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और साथियों के साथ गहन चर्चा कर रहे हैं। बसई क्षेत्र का दौरा करने के बाद सभी की राय जानने के बाद ही वे कोई अंतिम फैसला लेंगे। नायक ने यह भी कहा कि वे किसी को भ्रम में नहीं रखना चाहते।
एक ओर जहां भाजपा नेताओं से उनकी मुलाकातें चर्चा का विषय बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी लगातार उनके संपर्क में हैं। नायक ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, सांसद अशोक सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, लाखन सिंह और विधायक जयवर्धन सिंह सहित कई बड़े नेता उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं।
दतिया उपचुनाव के बीच अवधेश नायक का अगला राजनीतिक कदम प्रदेश की राजनीति में सबसे अधिक उत्सुकता का विषय बना हुआ है। उनका निर्णय आने वाले समय में दतिया और प्रदेश की राजनीतिक समीकरणों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!