दतिया जिला मुख्यालय पर सोमवार को आयोजित टीएल (समय-सीमा) बैठक का माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर और एक प्रमुख मैदानी अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक में मुख्य रूप से किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की जा रही थी।

फार्मर आईडी की धीमी प्रगति पर भड़के कलेक्टर

समीक्षा बैठक के दौरान जब कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की नजर दतिया ग्रामीण तहसील के आंकड़ों पर पड़ी, तो वहां फार्मर आईडी का काम भारी मात्रा में पेंडिंग मिला। कलेक्टर ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्य में तत्काल तेजी लाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईडी न बनने की स्थिति में अन्नदाताओं को खाद की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ सकता है।

तहसीलदार ने दिया नियमों का हवाला

पेंडेंसी पर सवाल उठाए जाने के बाद दतिया ग्रामीण तहसीलदार अमित दुबे ने अपनी बात रखी। बैठक में मौजूद प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, तहसीलदार ने कहा कि वे क्षेत्र के सभी किसानों को व्यक्तिगत रूप से नहीं पहचानते हैं, इसलिए प्रत्येक किसान की पूरी जांच-पड़ताल करने के बाद ही फार्मर आईडी तैयार की जा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रक्रिया में तय समय और सावधानी की आवश्यकता होती है।

तहसीलदार द्वारा काम को अपने तरीके से और नियमबद्ध तरीके से करने की बात कहने पर दोनों के बीच बहस का दायरा बढ़ता चला गया। स्थिति तब और अधिक गंभीर हो गई जब बात बढ़ने पर कलेक्टर ने तल्ख लहजे में यहां तक कह दिया कि जिन्हें जिम्मेदारी से काम नहीं करना है, उनकी आवश्यकता नहीं है। इस पर तहसीलदार ने भी दो टूक जवाब देते हुए कहा कि वे सरकारी सेवा में हैं और हर कार्य नियमानुसार ही पूरा किया जाएगा।

बैठक से बाहर जाने के निर्देश के बाद उठे तहसीलदार

तनातनी इतनी बढ़ गई कि कलेक्टर ने तहसीलदार अमित दुबे को तत्काल बैठक कक्ष से बाहर जाने के लिए कह दिया। आदेश मिलते ही तहसीलदार ने अपना माइक म्यूट किया और मीटिंग हॉल से बाहर निकल गए। वहां मौजूद अन्य विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी इस अचानक घटी घटना से हैरान रह गए और कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया।

हालांकि इस हंगामे के बाद प्रशासनिक बैठक तो आगे जारी रखी गई, लेकिन गलियारों और अधिकारियों के बीच दिनभर यही वाकया चर्चा का मुख्य केंद्र बना रहा। उल्लेखनीय है कि तहसीलदार अमित दुबे को कुछ समय पूर्व ही दतिया ग्रामीण तहसील का प्रभार सौंपा गया था, और कार्यभार संभालने के बाद से ही राजस्व एवं मैदानी अमले के कामकाज की मॉनिटरिंग की जा रही थी।