दतिया जिले के चिरूला थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म किया गया और बाद में उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दो चचेरे भाइयों समेत कुल छह व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

किशोरी के साथ हुई वारदात का खुलासा

पुलिस को दी गई अपनी रिपोर्ट में पीड़िता ने बताया कि यह घटना मई महीने की है। वह खेत पर बने एक कमरे में मूंगफली भरने गई थी, तभी उसके दो चचेरे भाई जबरन कमरे में घुस आए। आरोप है कि दोनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया और किसी को भी इस बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी के डर से किशोरी ने घटना की जानकारी अपने परिवार को नहीं दी।

जबरन गर्भपात और पुलिस कार्रवाई

कुछ समय बाद जब किशोरी को मासिक धर्म नहीं आया, तो एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसे जिला अस्पताल ले गईं। वहां जांच में उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, एक ड्राइवर और आरोपियों के परिजनों ने मिलकर उसे झांसी के एक अस्पताल पहुंचाया।

पीड़िता ने बताया कि उसकी जानकारी और सहमति के बिना ही उसका गर्भपात करा दिया गया। घर लौटने के बाद उसने हिम्मत जुटाकर अपने पिता को पूरी घटना के बारे में बताया। पिता ने जब आरोपियों से इस विषय पर बात की तो उनके बीच विवाद हो गया। इसके बाद गुरुवार को पिता और बेटी दोनों चिरूला थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दीपू कुशवाहा और अभिराज कुशवाहा सहित कुल छह लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने, जबरन गर्भपात कराने और अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इसके साथ ही, मेडिकल जांच और अन्य आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है।