दतिया शहर में शुक्रवार को मात्र डेढ़ घंटे के भीतर हुई तेज बारिश ने प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी। इस संक्षिप्त अवधि में लगभग डेढ़ इंच यानी 33 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते शहर के कई हिस्से पूरी तरह जलमग्न हो गए।
मुख्य बाजार और किला चौक बने तालाब
अचानक हुई इस भारी मानसूनी बौछार से शहर के प्रमुख चौराहे और व्यापारिक केंद्र पानी में डूब गए। ऐतिहासिक किला चौक पर जलभराव की स्थिति सबसे गंभीर नजर आई, जहां सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी जमा हो गया। इस वजह से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ और कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए, जिन्हें चालकों को धक्का देकर निकालना पड़ा।
प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र बड़े बाजार में भी पानी भर जाने से दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ गईं। नालियों का गंदा पानी दुकानों के चबूतरों तक पहुंच गया, जिससे व्यापारियों में सामान के भीगने का डर बना रहा। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का आरोप है कि हर साल बारिश के मौसम में उन्हें इस समस्या का सामना करना पड़ता है, लेकिन जल निकासी के स्थायी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
नाले उफान पर आने से निचले इलाकों में घुसा पानी
शहर के मुख्य निकासी मार्गों जैसे दांतरे की नरिया, पंडा की नरिया और रिछरा फाटक के पास नाले उफान पर आ गए। नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण बारिश का अतिरिक्त पानी रास्तों पर फैल गया। निचली बस्तियों में हालात यह हो गए कि लोगों के घरों और आंगनों तक पानी घुस गया, जिससे स्थानीय रहवासियों को खुद ही बाल्टियों से पानी बाहर निकालना पड़ा।
गर्मी और उमस से मिली बड़ी राहत
जलभराव और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के बीच इस झमाझम बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जरूर राहत दिलाई। तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, सड़कों पर भरे पानी और जल निकासी के अभाव ने इस राहत को काफी हद तक फीका कर दिया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!