दतिया के दुरसड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुआखेड़ा गांव में 57 वर्षीय किसान कोमल पाल की हत्या के मामले में परिजनों का गुस्सा बुधवार शाम सड़क पर फूट पड़ा। पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल लाइन रोड स्थित बुंदेला कॉलोनी तिराहे पर मृतक का शव रखकर लगभग 20 मिनट तक रास्ता जाम रखा।

मृतक के शरीर पर थे गंभीर घाव, एफआईआर पर उठे सवाल

परिजनों का आरोप है कि किसान पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार करने के अलावा गोली भी चलाई गई थी, लेकिन दर्ज की गई एफआईआर में गोली लगने की बात का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। मौके पर मौजूद एक महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में कोई सुनवाई नहीं की गई और पुलिस ने रिश्वत ली है। हालांकि, शरीर पर गोली के निशान होने या न होने की पुष्टि आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

घटना की शुरुआत मंगलवार रात से हुई जब कोमल पाल गांव के ही निवासी विनय समाधिया के घर गए थे। रात करीब 8 बजे उनके बड़े बेटे जीतू पाल की फोन पर पिता से बात हुई थी, तब उन्होंने थोड़ी देर में घर लौटने की बात कही थी। जब वे रात भर नहीं लौटे तो बुधवार सुबह परिजन विनय के घर पहुंचे, जहां एक बंद कमरे में कोमल पाल का खून से सना हुआ शव बरामद हुआ। उनके शरीर पर कुल्हाड़ी के तीन गहरे घाव पाए गए, जिनमें दो गर्दन के पीछे और एक कान के पास था।

मुख्य आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी

घटना के बाद से मुख्य संदिग्ध विनय समाधिया मौके से फरार चल रहा है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी नशे और जुआ-सट्टे का आदी है। यह भी सामने आया है कि वारदात से पहले उसे गांव में कुछ अन्य लोगों के साथ कार में घूमते हुए देखा गया था, हालांकि हत्या के पीछे की असली वजह और इसमें शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका अभी जांच का विषय बनी हुई है।

भांडेर में पोस्टमॉर्टम को लेकर भी परिजनों में भारी रोष था, जिसके बाद वे शव को लेकर दतिया पहुंचे और मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी मंजीत सिंह चावला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और समझाइश दी। करीब बीस मिनट के प्रदर्शन के बाद परिजनों ने जाम समाप्त किया और शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि रात के समय हुई संदिग्ध गतिविधियों का सुराग मिल सके।