दतिया विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव संपन्न होने के बाद जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक कामकाज एक बार फिर पटरी पर लौट आया है। इसी कड़ी में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जो कुछ समय से बंद चल रही थी।

कलेक्टर ने सुनी समस्याएं

जनसुनवाई के पहले ही दिन अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को लेकर सैकड़ों की संख्या में फरियादी कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने एक-एक कर सभी आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिए।

स्कूली बच्चों ने की जलभराव की शिकायत

इस दौरान उदगुवां गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र अपने पालकों के साथ जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को बताया कि स्कूल तक जाने वाला मुख्य मार्ग बारिश के मौसम में पूरी तरह जर्जर हो जाता है। रास्ते में कीचड़ के साथ लगभग दो फीट तक पानी जमा हो जाता है, जिससे नौनिहालों को पढ़ाई के लिए आवाजाही करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने इस रास्ते को दुरुस्त कराने की मांग की।

पेंशन और राशन कार्ड के लिए आवेदन

शिविर में भांडेर तहसील के उड़ीना गांव निवासी गुलब दुलैया और छोटेलाल यादव ने वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत कराने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि वे बुजुर्ग हैं और मजदूरी करने में असमर्थ हैं। वहीं, बानौली के रहने वाले रोशन विश्वकर्मा ने खुद को श्रमिक बताते हुए अपना बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।

जमीन कब्जाने और धमकी का मामला

गणेशखेड़ा गांव के निवासी शालिकराम अहिरवार ने कुछ लोगों पर उनकी कृषि भूमि पर जबरन कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने शिकायत में यह भी कहा कि आरोपी उनके परिवार को गांव से पलायन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। पीड़ित ने सुरक्षा और न्याय की मांग की है, जिस पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।