दतिया जिले में लगभग दो साल पहले हुई एक वीभत्स हत्या के मामले में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। न्यायालय ने जुर्म साबित होने पर दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिससे न्याय की आस लगाए बैठे पीड़ित परिवार को राहत मिली है।
क्या था पूरा मामला और कैसे हुई थी वारदात
यह पूरी घटना 9 जुलाई 2023 की है। नरेश पाल नामक युवक अपनी बाइक के बकाये पैसे वसूलने के सिलसिले में राजघाट तिराहा स्थित मदन यादव के आवास की ओर जा रहा था। रास्ते में आरोपी जितेंद्र पाल और ठाकुरदास कुशवाहा ने उसे अचानक रोक लिया, जिसके बाद उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई।
विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने नरेश के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। स्थिति तब और बिगड़ गई जब ठाकुरदास ने लोहे की सरिया निकालकर नरेश के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर नीचे गिर पड़ा।
पत्थर पटककर उतारा था मौत के घाट
जब पीड़ित नरेश जमीन पर अहोश होकर गिर गया, तो दूसरे आरोपी जितेंद्र ने क्रूरता की हदें पार करते हुए पास ही पड़ा सीमेंट और गिट्टी से बना भारी खड्डा उठाकर उसके सिर पर पटक दिया। इस गंभीर हमले और अत्यधिक खून बह जाने के कारण नरेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
न्यायालय का फैसला और सजा
घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध हत्या और अन्य सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
दौरान-ए-सुनवाई अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के बयानों को आधार बनाते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश सुदीप श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी ठाकुरदास कुशवाहा और जितेंद्र पाल को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही एक-एक हजार रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!