सड़क हादसे के 47 दिन बाद किसान की मौत
दतिया जिले के धीरपुरा थाना इलाके में बीते 19 जून की रात एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से जख्मी हुए किसान ने आखिरकार 47 दिनों तक चले लंबे उपचार के बाद दम तोड़ दिया। मंगलवार की रात जब परिजन उन्हें दिल्ली के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर वापस ला रहे थे, तभी रास्ते में उन्होंने अंतिम सांस ली।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ था हादसा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाले किसान की शिनाख्त सुंदरपुरा गांव निवासी 55 वर्षीय नरेंद्र सिंह परमार पुत्र गुलाब सिंह परमार के रूप में हुई है, जो कृषि कार्य से जुड़े थे। परिजनों ने जानकारी दी कि 19 जून को नरेंद्र सिंह गांव के ही दो अन्य साथियों दीपू कुशवाहा और शिवराम विश्वकर्मा के साथ दतिया में एक परिचित के यहां विवाह समारोह में शिरकत करने गए थे।
विवाह कार्यक्रम से देर रात घर वापसी के दौरान कालीपुरा गांव के समीप यह दुर्घटना घटी। विपरीत दिशा से आ रहे किसी वाहन की तेज हेडलाइट की चकाचौंध के कारण उन्हें आगे बढ़ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर नहीं आई और उनकी मोटरसाइकिल पीछे से सीधे ट्रॉली में जा घुसी।
इलाज के दौरान दिल्ली में हुई मृत्यु
इस भीषण टक्कर में नरेंद्र सिंह के सिर पर काफी गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके दोनों साथी इस दुर्घटना में मामूली रूप से घायल हुए थे। हादसे के तुरंत बाद उन्हें स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर और बाद में उन्नत उपचार के वास्ते दिल्ली रेफर किया गया था।
अस्पताल द्वारा सोमवार को छुट्टी दिए जाने के बाद परिजन उन्हें अपने वाहन से गृहग्राम ला रहे थे, तभी मार्ग में उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना की सूचना पाकर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया है। धीरपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!