दतिया शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक हैरान कर देने वाला ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक पुलिस आरक्षक के बैंक खाते से बिना किसी जानकारी या अनुमति के हजारों रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन हैक करके इस वारदात को अंजाम दिया है।
बेटी के इलाज के लिए दतिया आए थे आरक्षक
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, भिंड जिले के रावतपुरा थाने में आरक्षक चालक के पद पर सेवाएं दे रहे 37 वर्षीय विकास सिंह पवैया, जो कि 29वीं वाहिनी विसबल दतिया के निवासी हैं, इस घटना के शिकार हुए हैं। गत 2 अगस्त को दोपहर करीब 3:59 बजे वे अपनी बेटी को दिखाने के लिए दतिया की बुंदेला कॉलोनी स्थित डॉक्टर प्रदीप उपाध्याय के क्लिनिक पर पहुंचे थे।
फोन-पे और गूगल-पे से खुला ठगी का राज
अस्पताल में डॉक्टर के यहां पहुंचने के दौरान आरक्षक ने अपने मोबाइल में फोन-पे एप्लीकेशन के जरिए बैंक खाते का बैलेंस चेक किया। खाते में 36 हजार रुपए कम मिलने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद जब उन्होंने गूगल-पे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाली, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। जांच में सामने आया कि उनके खाते से यह रकम असदुल अली की यूपीआई आईडी asadul-73@ptyes पर ट्रांसफर की गई थी।
कोतवाली थाने में दर्ज हुआ धोखाधड़ी का प्रकरण
विकास सिंह पवैया ने पुलिस को स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से किसी को भी यह राशि ट्रांसफर नहीं की थी। उन्होंने मोबाइल हैक किए जाने का आरोप लगाते हुए अपनी रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
फिलहाल, स्थानीय पुलिस साइबर सेल की मदद से उस डिजिटल लेन-देन और यूपीआई आईडी के तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है जिस पर पैसे भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रेल और बैंक विवरण के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!