अंचल में सफर के दौरान, बाजारों में या फिर अन्य जगहों पर लापरवाही या भूलवश खोए हुए महंगे मोबाइल फोनों को लेकर दतिया पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस महकमे की साइबर शाखा ने एक विशेष अभियान चलाकर जिलेभर से गुम हुए मोबाइलों की तलाश की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें सफलतापूर्वक बरामद कर लिया।

पांच दिन में चले विशेष अभियान का दिखा असर

साइबर सेल द्वारा संचालित इस पांच दिवसीय विशेष अभियान के दौरान कुल 173 मोबाइल फोन ट्रेस किए गए। पुलिस के अनुसार इन सभी बरामद मोबाइलों का बाजार मूल्य करीब 35 लाख रुपए आंका गया है। फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की है।

एसपी ने की नागरिकों से सीधी बातचीत

अभियान के तहत जब मालिकों को उनके फोन वापस दिए जा रहे थे, तब पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने भी मोबाइल धारकों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से यह जानकारी ली कि उनके फोन किन परिस्थितियों और स्थानों पर गुम हुए थे। इस दौरान लोगों ने अपने चेहरे पर मुस्कान के साथ पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुराना फोन खरीदते समय बरतें सावधानी

इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने आमजन को जागरूक करते हुए महत्वपूर्ण सलाह दी है। एसपी ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति बाजार से पुराना मोबाइल खरीद रहा है, तो खरीद से पहले उसका IMEI नंबर 'संचार साथी' ऐप या CEIR पोर्टल के माध्यम से जरूर जांच लें। इससे चोरी के या ब्लॉक किए गए फोन खरीदने की कानूनी झंझटों से बचा जा सकता है।

साइबर सेल ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी का फोन गुम हो जाता है, तो उसे विलंब किए बिना तुरंत CEIR पोर्टल पर या नजदीकी थाने में ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, तकनीकी रूप से फोन को ट्रैक करने और बरामद करने की संभावना उतनी ही अधिक बढ़ जाती है।