अंचल में इस बार मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है, जिसका असर जिले की कुल बारिश के आंकड़ों पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दतिया में इस मानसूनी अवधि में आवश्यकता से काफी कम पानी गिरा है।

अब तक 293.2 मिमी बारिश दर्ज

मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक जिले में अब तक कुल 293.2 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। जबकि इस समयावधि में सामान्य औसत बारिश का पैमाना 402.6 मिमी है। इस प्रकार तय कोटे से लगभग 27.2 प्रतिशत कम बरसात हुई है, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

सोमवार को मौसम का मिजाज मिला-जुला रहा। दिन के समय बादलों की आवाजाही बनी रही लेकिन शहर के अलग-अलग हिस्सों में बरसात का असर भिन्न रहा। आधे शहर में पानी बरसा जबकि मुख्य हाईवे समेत कई अन्य क्षेत्र पूरी तरह सूखे रहे।

तापमान और मौसमी गतिविधियां

सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। इस दौरान पूर्वी दिशा से 2.6 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलती रहीं और सुबह के वक्त 1.5 मिमी बारिश आंकी गई।

कम बारिश के बीच जिले के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर कुछ हलचल शुरू हुई है। क्षेत्र का लोकप्रिय असनई झरना भी बहने लगा है, हालांकि पिछली बरसात की तुलना में अभी इसमें जल प्रवाह तेज नहीं हुआ है।

खरीफ फसलों पर मंडराया संकट

इस अल्प वर्षा का सीधा प्रतिकूल प्रभाव कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। धान समेत अन्य प्रमुख खरीफ फसलों की वृद्धि के लिए इस चरण में पर्याप्त पानी की आवश्यकता है। स्थानीय अन्नदाताओं को आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की आस है, अन्यथा फसलों के उत्पादन पर गहरा असर पड़ सकता है।