दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की मंगलवार को गहन जांच पूरी हो गई है। इस प्रक्रिया में कुल 28 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र जमा किए थे, जिनमें से 4 को विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिया गया। अब चुनाव मैदान में कुल 24 प्रत्याशी शेष रह गए हैं।

चार नामांकन हुए निरस्त, ये रही वजहें

जांच के दौरान कई प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों में तकनीकी और दस्तावेजी कमियां पाई गईं। प्रशासन ने इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित उम्मीदवारों को पर्याप्त समय दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किए जा सके। इसके परिणामस्वरूप, रिटर्निंग ऑफिसर ने चार नामांकन पत्रों को निरस्त करने का निर्णय लिया।

जिन प्रत्याशियों के नामांकन रद्द हुए हैं, उनमें लोक जनशक्ति पार्टी के रामसिंह बघेल शामिल हैं, जिनके नामांकन में प्रस्तावकों के हस्ताक्षर नहीं थे। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमनारायण कुशवाह ने अपने नामांकन के साथ आवश्यक शपथ पत्र (एफिडेविट) संलग्न नहीं किया था। नेशनल पीपुल्स पार्टी के एस. डेनियल का नामांकन भी तकनीकी खामी के चलते निरस्त कर दिया गया।

कांग्रेस के डमी प्रत्याशी का नामांकन स्वतः रद्द

कांग्रेस पार्टी ने चुनाव के लिए एक डमी उम्मीदवार भी उतारा था। मुख्य उम्मीदवार घनश्याम सिंह का नामांकन वैध पाए जाने के बाद, नियमानुसार डमी प्रत्याशी स्वामी शरण कुशवाह का नामांकन स्वतः ही निरस्त हो गया। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के नियमों के तहत की गई है।

दतिया उपचुनाव की अंतिम तस्वीर 16 जुलाई को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी, जब यह तय हो जाएगा कि कितने उम्मीदवार वास्तव में चुनाव लड़ेंगे।