दतिया विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत के बाद बुधवार शाम को निकाली गई कांग्रेस की आभार रैली ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। यह आयोजन केवल एक विजय उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे साल 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के राजनीतिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है। किला चौक पर आयोजित जनसभा में नवनिर्वाचित विधायक कुंवर घनश्याम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

संगठन और गठबंधन की जीत: कुंवर घनश्याम सिंह

नवनिर्वाचित विधायक कुंवर घनश्याम सिंह ने अपने संबोधन में चुनावी सफलता का पूरा श्रेय कांग्रेस संगठन, इंडिया गठबंधन और दतिया की आम जनता को दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं थी, बल्कि इसमें बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रदेश नेतृत्व, पूर्व मंत्रियों, विधायकों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी एकजुटता के साथ मैदान संभाला था।

सिंह ने दावा किया कि उन्हें मिलने वाला वास्तविक जनसमर्थन 25 हजार से अधिक वोटों का था, लेकिन सत्ता पक्ष ने सरकारी मशीनरी और धनबल का उपयोग कर जीत के अंतर को कम करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान मतदाताओं पर दबाव बनाने और अन्य हथकंडों का इस्तेमाल हुआ, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगे भी जनसेवा और साफ-सुथरी राजनीति के रास्ते पर चलते रहेंगे।

जनता ने सत्ता के अहंकार को नकारा: उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दतिया के उपचुनाव का परिणाम सत्ता के अहंकार पर जनता की मुहर है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने ऐसे नुमाइंदे को चुना है जो महलों के बजाय जमीन पर रहकर लोगों की समस्याएं सुनता है। सिंघार ने क्षेत्र में किसानों को खाद न मिलने, युवाओं के समक्ष रोजगार के संकट और आदिवासियों के अधिकारों जैसे गंभीर मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा।

उन्होंने पीतांबरा पीठ से जुड़े घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया और कहा कि जनता ने सब देखा है और वक्त पर अपना सही फैसला सुना दिया है। बीना उपचुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा को चुनौती दी कि कांग्रेस हर मुकाबले के लिए तैयार है और पार्टी के सभी विधायक मिलकर दतिया की आवाज को भोपाल तक मजबूती से उठाएंगे।

जीतू पटवारी बोले- 2028 के बदलाव की है शुरुआत

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि यह जीत अहंकार की नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी की प्रतीक है। उन्होंने दतिया की जनता, व्यापारियों और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह परिणाम केवल एक उपचुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्ष 2028 में होने वाले सत्ता परिवर्तन की पहली सीढ़ी है।

पटवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रशासनिक दबाव और सरकारी संसाधनों का खुलकर दुरुपयोग किया गया, जिसे स्थानीय मतदाताओं ने अपने मतों से खारिज कर दिया। सभा के दौरान एक भावुक पल भी आया जब पटवारी ने मंच पर घुटनों के बल बैठकर जनता का आभार जताया। इसके अलावा, स्वागत के दौरान संतुलन बिगड़ने पर नवनिर्वाचित विधायक को मंच पर नेताओं द्वारा तुरंत संभाल लिया गया, जिससे कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी।