दतिया जिले में पॉक्सो कोर्ट ने एक गंभीर मामले में फैसला सुनाते हुए दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सश्रम कारावास की सजा दी है। कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला उस वक्त आया है जब समाज में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना गोराघाट थाना क्षेत्र की है। करीब ढाई साल पहले, 8 नवंबर 2023 को, एक नाबालिग लड़की अपने भाई के साथ कोचिंग के लिए गई थी। जब शाम को उसका भाई उसे लेने पहुंचा, तो वह वहां मौजूद नहीं थी। परिजनों ने रात भर उसकी तलाश की, रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में पूछताछ की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि गांव कोटरा का रहने वाला हर्ष उर्फ रितिक रावत उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।

कोर्ट का फैसला और सजा

सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने पेश किए गए सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप साबित किए। विशेष न्यायाधीश मंजूषा तेकाम की अदालत ने आरोपी हर्ष उर्फ रितिक रावत को दोषी पाया। अदालत ने उसे 20 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

इस मामले में विशेष लोक अभियोजक संचिता अवस्थी ने पैरवी की। कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि नाबालिगों के खिलाफ इस तरह के अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर हैं।