दतिया जिले के बड़ोनी थाना क्षेत्र में पुरानी दुश्मनी के चलते दो युवकों पर कट्टे से गोली चलाने के चर्चित मामले में विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले के दो मुख्य आरोपी धैर्य कौशिक और मधुर कौशिक को दोषी मानते हुए उन्हें 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
क्या था पूरा मामला?
अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटौरिया ने बताया कि 14 अक्टूबर 2024 को फरियादी नितिन उर्फ लालू ने जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह अपने दोस्तों छोटू चौहान और नितेश चौहान के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर बड़ोनी की ओर जा रहा था।
इसी दौरान पार्वती वेयरहाउस के पास पीछे से बाइक पर आए धैर्य कौशिक, मधुर कौशिक और एक अन्य साथी अभिराज बुंदेला ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर कट्टे से फायरिंग कर दी। इस हमले में छोटू चौहान और नितेश चौहान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
पुलिस कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने धैर्य कौशिक और मधुर कौशिक को इस मामले में दोषी पाया और उन्हें 10-10 साल की कैद की सजा सुनाई। वहीं, मामले का एक अन्य आरोपी अभिराज बुंदेला घटना के समय नाबालिग था, जिसके चलते उसका प्रकरण बाल न्यायालय में अलग से विचाराधीन है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!