दतिया जिले में आगामी विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। इसी क्रम में, 14 जुलाई को चुनाव संबंधी एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था, जिसमें दस कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही को देखते हुए, जिला प्रशासन ने इन सभी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
अपर कलेक्टर और उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र कुमार कुशवाह ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि चुनाव जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य के प्रशिक्षण में बिना सूचना के अनुपस्थित रहना घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। नोटिस में कर्मचारियों से पूछा गया है कि उनकी इस अनुपस्थिति के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें तीन कार्य दिवसों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जिन कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। इनमें शिक्षक, प्रधानाध्यापक, प्राचार्य, जनपद पंचायत के समग्र अधिकारी और जल संसाधन विभाग के उपयंत्री जैसे पद शामिल हैं। अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के नाम सीताराम धाकड़, अशोक मांझी, धर्मजीत मांझी, श्रीराम जाटव, नवासाय राम नगेसिया, मनोज गुप्ता, सुरेंद्र कुमार शर्मा, वैभव श्रीवास्तव, शिवचरण माहौर और मनोज कुमार व्यास हैं।
चुनावी प्रक्रिया में प्रशिक्षण का महत्व
जिला प्रशासन का मानना है कि निष्पक्ष और सुचारु चुनाव संपन्न कराने में प्रशिक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। कर्मचारियों को चुनावी प्रक्रिया के हर पहलू से अवगत कराना और उनकी जिम्मेदारियों को समझाना आवश्यक है। ऐसे में, बिना किसी वैध कारण के प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहना चुनावी तैयारियों को प्रभावित कर सकता है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब इन सभी कर्मचारियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उनके द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के आधार पर ही प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा सकती है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!