ग्वालियर जिले के डबरा-भितरवार क्षेत्र में रेत माफिया के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है। कलेक्टर रुचिका चौहान के कड़े निर्देशों के बाद, मंगलवार शाम को भितरवार की पार्वती नदी में लोड़ी गांव के पास अवैध रेत खनन के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया गया।
अवैध उत्खनन की गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर रुचिका चौहान को गुप्त सूचना मिली थी कि लोड़ी गांव के पास पार्वती नदी में रेत माफिया पनडुब्बी का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर अवैध रेत का खनन कर रहे हैं। इस गंभीर सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर के आदेश पर भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया, नायब तहसीलदार हरनाम सिंह परिहार और बेलगाड़ा थाना प्रभारी महेंद्र प्रजापति भारी पुलिस बल के साथ शाम को ही नदी घाट पर पहुंचे।
पनडुब्बी को आग के हवाले, माफिया में हड़कंप
प्रशासनिक टीम को अचानक देखकर रेत माफियाओं में भगदड़ मच गई। टीम ने मौके का फायदा उठाते हुए अवैध रेत खनन में लगी पनडुब्बी को तुरंत आग लगा दी, जिससे वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया।
जेसीबी से काटा रास्ता, परिवहन रोका
रेत माफियाओं को दोबारा इस घाट का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए, प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया। टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से रेत के वाहनों के लिए बनाए गए रास्ते को बीच से गहरा काटकर पूरी तरह बंद कर दिया। इससे भारी वाहनों का यहां से गुजरना असंभव हो गया है।
भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों पर की गई है। पनडुब्बी को नष्ट करने के साथ-साथ, रेत माफिया के परिवहन तंत्र को भी ध्वस्त किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नदी घाटों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!