ग्वालियर जिले के भितरवार में स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। इसी क्रम में भितरवार एसडीएम राजीव समाधियां ने शनिवार की देर रात स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया।

अस्पताल में नदारद मिले सीबीएमओ, एनआरसी स्टाफ मिला मौजूद

आधी रात को अचानक पहुंचे एसडीएम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों की पड़ताल की। जांच के दौरान एनआरसी केंद्र का ड्यूटी स्टाफ तो उपस्थित मिला, लेकिन सीबीएमओ डॉ. अजय चंद्रावत मुख्यालय से नदारद पाए गए। इस अनुपस्थिति को प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया गया है।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि अस्पताल परिसर, वार्डों और अन्य जगहों पर स्वच्छता के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जच्चा-बच्चा वार्ड में खराब मिला एसी, तुरंत बदले गए कमरे

अचानक निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने भर्ती मरीजों और जच्चा-बच्चा वार्ड में पहुंचकर महिलाओं, उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने वहां मिल रहे उपचार और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान जच्चा-बच्चा वार्ड के एक कमरे में एसी खराब हालत में पाया गया।

गर्मी और उमस के बीच मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए एसडीएम ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने वहां भर्ती सभी जच्चा-बच्चाओं को एसी सुविधा वाले दूसरे कमरे में तत्काल शिफ्ट करवाया। साथ ही, खराब पड़े एसी को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।

स्टाफ के अटैचमेंट पर भी जताई नाराजगी

अस्पताल में पदस्थ कुछ कर्मचारियों के अटैचमेंट को लेकर भी एसडीएम ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अटैचमेंट पर चल रहे कर्मियों को उनके मूल पदस्थापन स्थल पर वापस भेजने के सिलसिले में जिला चिकित्सा अधिकारी से फोन पर चर्चा की।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान एसडीएम के साथ तहसीलदार शिवदत्त कटारे और नायब तहसीलदार भी मौजूद रहे। ग्वालियर कलेक्टर के निर्देशों के तहत किए गए इस अचानक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग के अमले में खलबली मची हुई है और व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।