स्थानीय पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ठगी के पैसे निकालने वाले दो संदिग्धों को रविवार को दबोच लिया। आरोपी बैंक खातों से अवैध रकम निकालकर गिरोह के मुख्य सरगनाओं तक पहुंचाने का काम करते थे।

क्यू एटीएम सर्वर से मिली थी सटीक लोकेशन

पुलिस के आधुनिक 'क्यू एटीएम सर्वर' पोर्टल की मदद से इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यह तकनीक ठगी की राशि ट्रांसफर होने वाले खातों पर पैनी नजर रखती है। दो दिन पहले जैसे ही डबरा के सराफा बाजार स्थित एटीएम से नकदी निकाली गई, सर्वर ने तुरंत मुख्यालय को फोटो और लोकेशन भेज दी।

आम लोगों के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते

थाना प्रभारी संजय शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने दबिश देकर रमन उर्फ रानू रावत (21) को डबरा से और गौरव रावत (24) को ग्वालियर के आमखो इलाके से गिरफ्तार किया। शुरुआती जांच में सामने आया कि ये आरोपी स्थानीय भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे।

इन फर्जी खातों को वे हरियाणा के मेवात क्षेत्र के शातिर साइबर अपराधियों को बेच देते थे, जबकि एटीएम कार्ड अपने पास ही रखते थे ताकि आसानी से ठगी के पैसे निकाले जा सकें।

रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी पुलिस

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

अब पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से यह उगवाने का प्रयास कर रही है कि वे मेवात के मुख्य सरगनाओं के संपर्क में कैसे आए और अब तक किन-किन लोगों के नाम पर खाते खोलकर बेच चुके हैं। मामले में अन्य खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है।