डबरा शहर में फैली जनसमस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता से नाराज युवाओं ने सोमवार को नगर पालिका के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान मौसम खराब होने और तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और गेट के बाहर ही डटे रहे।
टूटी सड़कें और जलभराव से बढ़ी मुश्किलें
रूपेश कैन के नेतृत्व में एकत्र हुए युवाओं का आरोप है कि नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित हैं। पुराना गाड़ी अड्डा रोड और ठाकुर बाबा रोड समेत शहर की अधिकांश सड़कें खस्ताहाल हैं, जिन पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसके अलावा वार्डों में बिजली संकट, जलभराव और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी दिक्कतें आम जनता के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं।
गौशाला की बदहाली और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि फाइलों में विकास कार्य दिखाकर भुगतानों का फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, जबकि धरातल पर स्थिति बेहद खराब है। शहर की गौशाला में गोवंश के लिए चारे और पानी का अभाव है तथा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के इलाज की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
सीएमओ से चर्चा रही बेनतीजा, धरना जारी
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल बुलाकर नगर पालिका परिसर में तैनात किया गया। कुछ देर बाद सीएमओ साक्षी बाजपेई, पार्षद हैप्पी सरदार और हरविंदर सिंह हीरा ने मौके पर पहुंचकर युवाओं को समझाने का प्रयास किया। युवाओं ने लिखित आश्वासन की मांग रखी और कहा कि वे केवल एसडीएम से ही बात करेंगे। मांगों पर सहमति न बनने के कारण सीएमओ वहां से लौट गईं और युवाओं का धरना समाचार लिखे जाने तक जारी रहा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!