मध्य प्रदेश शासन की ओर से शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने और स्कूलों की तस्वीर बदलने के तमाम दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। डबरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कल्याणी पंचायत में स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय इसकी एक बानगी है, जहां नौनिहाल अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर शिक्षा ग्रहण करने को विवश हैं।

छत से गिरता है प्लास्टर, हर पल मंडराता है अनहोनी का साया

इस स्कूल का भवन काफी समय से बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है। कक्षाओं के दौरान ही छत से प्लास्टर उखड़-उखड़ कर नीचे गिरता रहता है, जिससे शिक्षकों और छात्र-छात्राओं में हमेशा डर का माहौल बना रहता है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि किसी भी दिन कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है, जिसकी चिंता उन्हें हमेशा सताती रहती है।

बारिश का पानी और जहरीले जीव-जंतु बने बड़ी मुसीबत

वर्षा ऋतु शुरू होते ही स्कूल परिसर में घुटनों तक जलभराव हो जाता है। इस पानी की वजह से परिसर में सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। हाल ही में स्कूल में बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली एक महिलाकर्मी के पैरों से सांप लिपट गया था, गनीमत रही कि आसपास मौजूद लोगों की समझदारी से उसकी जान बचाई जा सकी।

टूटी दीवार से आवाजाही और शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बारिश के दिनों में मुख्य द्वार पर ताला लटका रहता है, जिसके कारण बच्चों को टूटी हुई साइड की दीवार से फांदकर अंदर आना और जाना पड़ता है। इस बदहाली से तंग आकर ग्रामीणों और अभिभावकों ने कई मर्तबा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई है और सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई, परंतु अब तक कोई ठोस उपाय नहीं किया गया।

ग्रामीण भूपेन्द्र, घनश्याम, राजवीर और शैलेंद्र ने शिक्षा विभाग तथा पंचायत के नुमाइंदों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डबरा के बीआरसी विवेक सिंह चौकोटिया ने स्कूल की इन व्यवस्थाओं को शीघ्र ही ठीक किए जाने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर प्रकरण से उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।