ग्वालियर जिले के अंतर्गत आने वाले डबरा शहर में आगामी 25 अगस्त को सुबह 10 बजे से कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय 'बलराम कृषि महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। मध्य प्रदेश शासन की ओर से घोषित 'कृषि वर्ष' के उपलक्ष्य में इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें अंचल के किसानों को बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का होगा वर्चुअल संवाद
इस राज्य स्तरीय आयोजन की मुख्य विशेषता यह है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री इस दौरान डबरा और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करेंगे और उनकी समस्याओं व सुझावों पर चर्चा करेंगे।
कलेक्टर और एसएसपी ने लिया तैयारियों का जायजा
महोत्सव के आयोजन से ठीक एक दिन पहले प्रशासनिक अमले ने पूरी ताकत झोंक दी है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह यादव ने डबरा मंडी परिसर पहुंचकर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक कर पार्किंग, पेयजल, और किसानों के बैठने की व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आधुनिक कृषि तकनीक और योजनाओं की मिलेगी जानकारी
कलेक्टर रुचिका चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों और शासन की कल्याणकारी योजनाओं से रूबरू कराना है। इसके माध्यम से किसानों को खेती में लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अपनी आय में इजाफा कर सकें।
कार्यक्रम स्थल पर कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ वैज्ञानिक किसानों का मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग और अन्य संबंधित महकमों द्वारा विशेष प्रदर्शनियां और स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी व्यावहारिक बातें सीखने को मिलेंगी।
प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए मंडी परिसर में चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कार्यक्रम में आने वाले अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!