सावन के महीने के दौरान भितरवार नगर में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां एक विशाल कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा पार्वती नदी के दिया दाहा घाट से शुरू हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए ऐतिहासिक श्री गोलेश्वर महादेव मंदिर यानी गोलेश्वर धाम तक पहुंची। यात्रा में हजारों की संख्या में भगवा वस्त्र धारण किए शिवभक्त शामिल हुए।
दिया दाहा घाट पर हुई विशेष पूजा-अर्चना
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत दोपहर के समय दिया दाहा घाट पर विशेष आरती और मां पार्वती की पूजा के साथ की गई। संत समाज तथा गोलेश्वर मंदिर समिति के सदस्यों ने कांवड़ों की विधिवत पूजा कर यात्रा को आगे के लिए रवाना किया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं ने नदी से पवित्र जल अपने कांवड़ों और कलशों में भरा और मंदिर की ओर प्रस्थान किया।
महिलाओं और बच्चों की सहभागिता रही विशेष
यात्रा के दौरान युवाओं के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों का उत्साह भी देखते ही बनता था। जहां पुरुष कांवड़ उठाकर चल रहे थे, वहीं सैकड़ों महिलाएं और बच्चियां अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए थीं। भगवान भोलेनाथ के भजनों की गूंज और ढोल-नगाड़ों की थाप पर पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया और भक्त झूमते-नाचते नजर आए।
शहर में हुआ भव्य स्वागत और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जैसे ही कांवड़ यात्रा भितरवार शहर में दाखिल हुई, स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा शिविर लगाए गए थे, जहां शिवभक्तों के लिए ठंडे पानी, फलाहार, शर्बत और अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तत्परता के साथ यात्रा के साथ मुस्तैद रहा।
यात्रा का समापन अंचलरक्षक भगवान श्री गोलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में हुआ। मंदिर पहुंचने पर संत श्री हरिगिरी महाराज के सान्निध्य में पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। इसके पश्चात कांवड़ियों ने पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छी बारिश की मन्नत मांगते हुए महाआरती की गई और अंत में विशाल भंडारे के साथ इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन हुआ।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!