ग्वालियर अंचल के डबरा इलाके में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने एक और शिकंजा कसा है। पिछोर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लिधौरा गांव में एक पंचायतकर्मी को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों पकड़ा गया है।
आवास योजना की किस्त के लिए मांग रहा था घूस
पूरे मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि लिधौरा निवासी कैलाश कुशवाहा का प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। इस योजना के तहत उन्हें दो किस्तें पहले ही मिल चुकी थीं, लेकिन जब तीसरी किस्त खाते में डलवानी थी, तो पंचायत के सहायक सचिव सोनू शर्मा ने रुकावट डालनी शुरू कर दी।
तीसरी किस्त को जारी करने के ऐवज में आरोपी सहायक सचिव सोनू शर्मा ने प्रार्थी के बेटे अजय कुशवाहा से पांच हजार रुपए की अवैध रिश्वत की मांग की थी, जिसके बाद पीड़ित ने परेशान होकर जांच एजेंसी का दरवाजा खटखटाया।
31 जुलाई को EOW एसपी से की गई थी शिकायत
पीड़ित अजय कुशवाहा ने हिम्मत जुटाते हुए गत 31 जुलाई को ग्वालियर EOW के पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर इस रिश्वतखोरी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। एजेंसी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोपी द्वारा घूस मांगने के साक्ष्य सही पाए गए।
आरोप सही साबित होने के बाद EOW ने अपनी रणनीति तैयार की और जाल बिछाकर आरोपी को दबोचने की योजना बनाई। तयशुदा योजना के अनुसार ही कार्रवाई को अमलीजामा पहनाया गया।
केमिकल परीक्षण में उजागर हुआ भ्रष्टाचार
योजना के मुताबिक जैसे ही शिकायतकर्ता अजय ने सहायक सचिव सोनू शर्मा को पांच हजार रुपए की रिश्वत सौंपी, वहां पहले से ही मुस्तैद EOW की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। इसके बाद जब आरोपी के हाथ पानी में धुलवाए गए, तो पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे नोटों पर लगाए गए केमिकल की पुष्टि हो गई।
इस पूरी छापामार कार्रवाई को EOW के डीएसपी शैलेंद्र सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में लगभग 16 सदस्यों के दल ने सफलतापूर्वक पूरा किया। फिलहाल, आरोपी सहायक सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!