भिंड जिले के अंतर्गत आने वाले लहार बिजली दफ्तर में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) नवीन शुक्ला और कार्यालयीन बाबू सुघर सिंह दोहरे को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है। दोनों कर्मचारियों पर सरकारी राजस्व के दुरुपयोग और गबन का गंभीर आरोप है, जिसकी पुष्टि प्राथमिक जांच में होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

बैंक खाते में जमा कराने के बजाय हड़पी गई राशि

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली वितरण कंपनी के काउंटर पर उपभोक्ताओं द्वारा बिलों के भुगतान के रूप में जमा की जाने वाली नकदी को नियमानुसार सरकारी बैंक खाते में नहीं भेजा जा रहा था। इस राशि को खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायतों के बाद विभाग ने अंदरूनी स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू की थी।

शुरुआती जांच में सामने आया गबन का आंकड़ा

उप महाप्रबंधक और प्रबंधक स्तर के अधिकारियों द्वारा की गई शुरुआती छानबीन में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 2 लाख 73 हजार रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। विभागीय जानकारों का मानना है कि इस प्रकरण में जैसे-जैसे दस्तावेजों की गहराई से जांच होगी, घोटाले की यह रकम और अधिक बढ़ सकती है।

आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

सहायक अभियंता (एई) मयंक अरजरिया ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि वित्तीय अनियमितताओं और पैसों की हेराफेरी के पुख्ता प्रमाण मिलने पर दोनों कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है ताकि इसमें संलिप्त अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सके और नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।