चंबल की माटी और भिंड के संस्कारों को वीरता व संघर्ष का पर्याय बताते हुए तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने भिंड के भरत चौधरी से मुलाकात की। लेह-लद्दाख में हुई इस विशेष भेंट के दौरान दलाई लामा ने उन्हें मानवता और समाज सेवा का संकल्प बनाए रखने की प्रेरणा दी।

पूर्व मंत्री के पुत्र ने लिया आशीर्वाद

भंड के रहने वाले पूर्व मंत्री राकेश चौधरी के पुत्र भरत चौधरी ने हाल ही में लेह-लद्दाख की यात्रा के दौरान दलाई लामा से साक्षात भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके विचारों को अपने जीवन के लिए मार्गदर्शक बताया।

मुलाकात के दौरान दलाई लामा ने चर्चा करते हुए कहा कि चंबल क्षेत्र जैसी मजबूत पृष्ठभूमि से आने वाले युवाओं को अपने जीवन के अनुभवों व संस्कारों को जनहित और समाज कल्याण में लगाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंसान को अपने आदर्श हमेशा ऊंचे रखने चाहिए ताकि उनसे देश और समाज को एक नई दिशा मिल सके। फिर चाहे व्यक्ति राजनीति में सक्रिय हो या किसी अन्य क्षेत्र में, उसके लिए मानवीय मूल्य हमेशा सर्वोपरि होने चाहिए।

चंबल को बताया चेतना की मूल जड़

दलाई लामा से मुलाकात के बाद भरत चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भिंड और चंबल की माटी उनके जीवन की चेतना का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि इसी क्षेत्र की मिट्टी ने उन्हें संघर्ष का सामना करने, अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने तथा समाज के सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति के दर्द को महसूस करने की सीख दी है।

उन्होंने आगे कहा कि भले ही भौगोलिक रूप से चंबल और हिमालयी क्षेत्र लेह के बीच लंबी दूरी हो, लेकिन सांस्कृतिक और आत्मिक रूप से पूरे भारत की आत्मा एक ही सूत्र में बंधी हुई है।

वंचितों के उत्थान का संकल्प

भरत चौधरी ने यह भी कहा कि चंबल के मेहनतकश किसानों व मजदूरों से लेकर हिमालय के कोने-कोने तक इंसानियत और आत्मसम्मान की भावना एक जैसी ही है। उनका मुख्य उद्देश्य भिंड की माटी से मिले इन्हीं संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए खड़े होना है।

उन्होंने अंत में कहा कि समाज में बराबरी की इस लड़ाई को निरंतर आगे बढ़ाना और पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना उनका आजीवन प्रयास रहेगा। दलाई लामा के साथ हुई यह मुलाकात उनके लिए मानवीय सेवा और उच्च जीवन मूल्यों के मार्ग पर चलने का एक बेहद प्रेरणादायी पल रहा।