स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियमों के पालन को पुख्ता करने के लिए रविवार को विशेष अभियान चलाया। यह कार्रवाई भिंड जिले के आलमपुर-रतनपुरा मुख्य मार्ग पर अमल में लाई गई, जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।

एसपी के निर्देश पर हुई कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा के मार्गदर्शन में सुनिश्चित की गई। आलमपुर थाना प्रभारी सोहनीश सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस बल ने थाने के सामने और बराही देवी माता मंदिर के पास मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग कर गाड़ियों की जांच की।

काली फिल्म और बिना नंबर के वाहन पकड़े

अभियान के दौरान पुलिस ने मुख्य रूप से उन चार पहिया वाहनों को निशाना बनाया जिन पर अवैध रूप से काली फिल्म लगी थी या जिन पर नंबर प्लेट नहीं थी। जांच के दौरान पांच वाहन बिना नंबर प्लेट के और तीन वाहन काली फिल्म के साथ पकड़े गए। पुलिस ने कुल आठ वाहनों पर चालानी कार्रवाई करते हुए चार हजार रुपये का राजस्व जमा कराया। साथ ही मौके पर ही गाड़ियों से काली फिल्म उतरवाई गई और सख्त हिदायत दी गई कि दोबारा ऐसा करने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

एसडीओपी ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश

वाहन चेकिंग की इस प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए लहार एसडीओपी प्रवीण त्रिपाठी खुद आलमपुर पहुंचे। उन्होंने मौके पर खड़े होकर गाड़ियों की चेकिंग का निरीक्षण किया और बल को स्पष्ट निर्देश दिए कि चेकिंग कार्य में किसी भी स्तर पर कोताही या पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कानूनी कदम उठाए जाएं।

हालांकि, इस अभियान के दौरान कई वाहन चालकों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए राजनीतिक और विभागीय सिफारिशों का सहारा भी लिया। पकड़े गए लोगों ने स्थानीय नेताओं और अधिकारियों के फोन लगवाकर छूटने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने नियमों के तहत अपनी कार्रवाई जारी रखी।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान संतोष दिसौरिया, भगवत कुमार, धर्मेंद्र शर्मा, सिद्धांत कौरव, योगेंद्र शर्मा, जितेंद्र सिहारे, किलोल कुशवाह और कन्हैयालाल समेत थाने का अन्य पुलिस स्टाफ मुस्तैदी से तैनात रहा।