ग्वालियर उच्च न्यायालय ने लापता व्यक्तियों, विशेषकर युवतियों की तलाश में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बरती जा रही गंभीरता की कमी पर कड़ी टिप्पणी की है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने कहा कि गुमशुदगी के मामलों की जांच अक्सर ऐसे अधिकारियों को सौंपी जाती है जो प्रभावी नहीं होते, जिसके परिणामस्वरूप बाद में जांच अधिकारी बदलने पड़ते हैं।
यह मामला भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। तौफीक राइन नामक व्यक्ति ने अपनी बहन की गुमशुदगी को लेकर उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। उनकी बहन अलीशा बीते 25 मार्च की रात से लापता है, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके पिता ने 26 मार्च को दर्ज कराई थी। याचिका में यह बताया गया कि लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस युवती को ढूंढने में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है।
जांच अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल
न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने पाया कि वर्तमान जांच अधिकारी, एएसआई ओंकार सिंह तोमर, मामले की प्रभावी जांच करने में पूरी तरह से असफल रहे हैं। वे न्यायालय द्वारा पूछे गए सवालों का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उन्होंने केवल यह जानकारी दी कि इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया खातों की जांच की गई थी, लेकिन युवती का कोई सुराग नहीं मिला। केस डायरी के अवलोकन से भी यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने केवल आसपास के लोगों को युवती की तस्वीर दिखाकर जांच की औपचारिकता पूरी की थी। न्यायालय ने तत्काल प्रभाव से मौजूदा जांच अधिकारी को बदलने का आदेश दिया।
पुलिस अधीक्षक की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न
उच्च न्यायालय ने इस बात पर भी टिप्पणी की कि पुलिस अधीक्षक (एसपी) जांच अधिकारी के चयन में लापरवाही बरत रहे हैं। वे यह सुनिश्चित किए बिना ही जांच की जिम्मेदारी सौंप देते हैं कि संबंधित अधिकारी प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम है या नहीं। न्यायालय ने एसपी को एक हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्या उन्होंने कभी इस मामले की केस डायरी की समीक्षा की थी, क्या उन्होंने जांच अधिकारी को कोई निर्देश दिए थे, और अब तक की गई जांच को क्या वे प्रभावी मानते हैं।
एएसपी स्तर के अधिकारी को जांच का जिम्मा
उच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मामले की जांच अब ऐसे अधिकारी को सौंपी जाए, जिसका पद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) से कम न हो। इसके साथ ही, नए जांच अधिकारी को लापता युवती की तलाश के लिए सभी संभावित और आवश्यक प्रयास करने होंगे ताकि जल्द से जल्द उसका पता लगाया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!