गुजरात के अहमदाबाद शहर में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत भिंड जिले के एक युवक की रहस्यमयी परिस्थितियों में जान चली गई। घटना के बाद जब मृतक का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा, तो शरीर पर कई जगह चोट के निशान पाए गए, जिससे परिजनों का शक गहरा गया।

जनवरी में गया था नौकरी की तलाश में

यह मामला ऊमरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांडरी गांव से जुड़ा है। यहां के रहने वाले 28 वर्षीय शिवमोहन सिंह राजावत पुत्र सुखेंद्र सिंह राजावत इसी साल जनवरी के महीने में रोजी-रोटी की तलाश में अहमदाबाद गए थे। वहां वे एक निजी एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिवमोहन के साथ उनके परिवार के ही कुछ अन्य सदस्य भी अहमदाबाद में ही रहते और काम करते थे। इनमें उनका चचेरा भाई श्यामू पुत्र प्रीतम सिंह राजावत और मौसेरा भाई सोनू राजावत भी शामिल बताए गए हैं।

सोमवार सुबह दी गई मौत की सूचना

परिजनों ने बताया कि रविवार की रात को शिवमोहन अपनी ड्यूटी खत्म करके कमरे पर वापस लौटे थे। इसके अगले दिन यानी सोमवार की सुबह उनके साथ रहने वाले चचेरे भाई ने मृतक की बहन राधा को फोन पर घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही परिवार के लोग तुरंत अहमदाबाद के लिए रवाना हुए और वहां से शव को लेकर अपने गांव वापस लौटे। हैरानी की बात यह रही कि अहमदाबाद में स्थानीय स्तर पर शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया था।

जिला अस्पताल में कराया गया पोस्टमार्टम

गांव पहुंचने के बाद जब परिजनों ने अंतिम संस्कार से पहले शव को देखा, तो शिवमोहन के शरीर पर कई जगह चोट के निशान दिखाई दिए। इसके बाद परिवार के लोग मंगलवार को शव को लेकर सीधे भिंड जिला अस्पताल पहुंचे, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया।

मृतक की बहन राधा ने आरोप लगाया है कि जमीन के पुराने विवाद को लेकर उनके चचेरे भाई नहीं इस वारदात को अंजाम दिया है। बहरहाल, पुलिस ने मामला संज्ञान में ले लिया है और वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।