अंचल में प्रतिबंधित या नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बिक्री पर लगाम कसने के लिए औषधि विभाग लगातार सतर्कता बरत रहा है। इसी कड़ी में भिंड जिले के मेहगांव इलाके में कोडीनयुक्त कफ सिरप के संभावित दुरुपयोग को लेकर औचक निरीक्षण किया गया।
औषधि निरीक्षक की ताबड़तोड़ कार्रवाई
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ ने मेहगांव क्षेत्र में पहुंचकर कुल छह प्रमुख मेडिकल स्टोरों का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों पर दवाओं के रखरखाव, स्टॉक रजिस्टर और उनकी गुणवत्ता की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दायरे में आने वाले मेडिकल स्टोरों में मुकेश मेडिकल स्टोर, महाकाल मेडिकल स्टोर, राठौर मेडिकल स्टोर, प्रेम मेडिकल स्टोर, जादौन मेडिकल स्टोर और रवि मेडिकल स्टोर शामिल रहे। अधिकारियों ने यहां लाइसेंस और फार्मासिस्ट की उपस्थिति की भी तस्दीक की।
छापे की भनक लगते ही चार दुकानें मिलीं बंद
जैसे ही क्षेत्र में औषधि विभाग की टीम के पहुंचने और छापामार कार्रवाई की खबर फैली, स्थानीय दुकानदारों में हड़कंप मच गया। चौधरी मेडिकल स्टोर, अनिल मेडिकल स्टोर, पवन मेडिकल स्टोर और बजरंग मेडिकल स्टोर के संचालक अपनी दुकानें बंद करके मौके से गायब हो गए।
विभाग ने इन बंद मिलने वाली दुकानों के संचालकों की गतिविधियों को संज्ञान में लिया है और उनके खिलाफ नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बिना पर्चे के दवा बेचने पर सख्त पाबंदी
जांच के दौरान अधिकारियों ने सभी मेडिकल संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी कि किसी भी पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के बिना शेड्यूल श्रेणी की दवाओं की बिक्री बिल्कुल न की जाए। साथ ही, फ्रिज में रखी जाने वाली दवाओं के लिए उचित तापमान बनाए रखने और पशुओं से जुड़ी दवाओं को अलग स्टोर करने के सख्त निर्देश दिए गए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!