लहर नगर पालिका में कर्मचारियों की हड़ताल

भिंड जिले के लहार नगर पालिका में कार्यरत सफाई कर्मचारियों, वाहन चालकों और अन्य सभी स्थाई व अस्थाई कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी अपनी लंबित और जरूरी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

क्या हैं मुख्य मांगें

प्रदर्शन कर रहे कर्मियों की प्रमुख मांगों में प्रत्येक माह की 5 तारीख तक वेतन का भुगतान किया जाना, कर्मचारियों के खातों में बकाया ईपीएफ की राशि तुरंत जमा करना और महीने में चार दिन का अवकाश मिलना शामिल है। कर्मियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा.

कर्मचारियों ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से उनका ईपीएफ काटा जा रहा है, लेकिन उसे उनके खातों में जमा नहीं किया गया है। इसके अलावा स्थाई कर्मचारियों का चार से पांच महीने का और अस्थाई कर्मचारियों का दो महीने का वेतन अभी तक बकाया है। समय पर वेतन न मिलने के कारण पर्वों के अवसर पर उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।

प्रशासनिक प्रयास और सीएमओ का प्रभार

इससे पहले सोमवार को नायब तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पहुंचकर आंदोलनरत कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया था। प्रशासन का कहना है कि नगर पालिका में नियमित सीएमओ की अनुपस्थिति के चलते वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने में अड़चन आ रही है।

फिलहाल सीएमओ का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अतुल रावत के पास ईपीएफ और वेतन जारी करने के वित्तीय अधिकार नहीं हैं। इस स्थिति से कलेक्टर एवं संबंधित उच्च विभाग को अवगत कराया जा चुका है, तथा आगामी दो-तीन दिनों के भीतर नए सीएमओ की नियुक्ति का भरोसा दिया गया है।

जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के बयान

नगर पालिका उपाध्यक्ष नरेश सिंह चौहान ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह से जायज हैं और वे उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने भी नियमित सीएमओ के न होने को ही इस पूरी समस्या की मुख्य वजह बताया है।

लहार के एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने बताया कि नगर पालिका में नए सीएमओ की पदस्थापना को लेकर उच्च विभाग को पत्र प्रेषित कर दिया गया है और इस समस्या का जल्द ही निराकरण कर लिया जाएगा।