बारिश और कीचड़ से रास्ते की स्थिति हुई बदतर
भिंड जिले के दबोह कस्बे में सोमवार को एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की पोल खोल दी। वार्ड क्रमांक 4 के रहने वाले लखन राठौर के निधन के बाद उनके परिजन और रिश्तेदार अंतिम यात्रा लेकर श्मशान घाट की ओर रवाना हुए थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण मुक्तिधाम तक जाने वाला कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था।
शव यात्रा को रोकना पड़ा, हाईवे किनारे किया गया अंतिम संस्कार
हालात इतने खराब थे कि अर्थी को आगे ले जाना असंभव हो गया। मार्ग पर घुटनों तक भरे कीचड़ और पानी को पार करने का कोई विकल्प नहीं बचा था। ऐसे में शोकाकुल परिवार को मजबूरन बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा और उन्हें नेशनल हाईवे के किनारे ही लखन राठौर का अंतिम संस्कार करना पड़ा। परिवार और स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया।
नजरअंदाज की गई ग्रामीणों की शिकायतें
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब खराब रास्ते की वजह से किसी मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में इस तरह की बाधा आई हो। बारिश के मौसम में दबोह के मुक्तिधाम तक शव को ले जाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। लोगों ने बताया कि इस मार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण के लिए कई बार नगर परिषद के अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन जिम्मेदारों ने हर बार अनसुना कर दिया।
अधिकारियों ने दिया जल्द सुधार का आश्वासन
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रभारी सीएमओ सोनू परिहार का बयान सामने आया है। उनका कहना है कि उन्हें इस रास्ते की बदहाली और इस घटना की पहले कोई जानकारी नहीं थी। सीएमओ ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही विभागीय इंजीनियर को मौके पर भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा और मुक्तिधाम मार्ग को सुविधायुक्त बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!