ग्वालियर-चंबल अंचल के भिंड जिले में सरकारी ड्यूटी के दौरान महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां रौन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम बौहारा में एक महिला पटवारी के साथ दो स्थानीय युवकों द्वारा गाली-गलौज और अभद्रता किए जाने की बात सामने आई है।

पंचायत भवन में चल रहा था शासकीय कार्य

मिली जानकारी के अनुसार, मिहोना तहसील में पदस्थ पटवारी संध्या प्रजापति हल्का नंबर-6 यानी बौहारा गांव में अपनी सेवाएं दे रही हैं। घटना 20 अगस्त की है, जब वह तहसीलदार के आदेश का पालन करते हुए ग्राम पंचायत भवन में बैठकर सीएम हेल्पलाइन से जुड़े महत्वपूर्ण शासकीय कार्य को पूरा कर रही थीं।

नशे में धुत होकर पहुंचे थे आरोपी

कार्यालयीन कार्य के दौरान गांव के ही रहने वाले दो युवक, बिरखे (पुत्र रामस्वरूप) और परम सिंह कुशवाह (पुत्र हुब्बीलाल), अचानक पंचायत भवन पहुंच गए। पटवारी द्वारा पुलिस को दी गई आधिकारिक शिकायत के मुताबिक, दोनों आरोपी पूरी तरह से नशे की हालत में थे और वहां पहुंचते ही अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने लगे।

पीएम-किसान निधि को लेकर हुआ था विवाद

पटवारी संध्या प्रजापति का कहना है कि यह पूरा विवाद पीएम-किसान सम्मान निधि से संबंधित कार्यों को लेकर किया गया था। जब उन्होंने आरोपियों को अशिष्टता करने से मना किया, तो वे और अधिक उग्र हो गए और मेज पर रखे सभी शासकीय दस्तावेज उठाकर नीचे फेंक दिए।

पीड़ित पटवारी के अनुसार, आरोपी परम सिंह कुशवाह ने शासकीय कामकाज में सीधी बाधा पहुंचाई और धमकी दी कि यदि वे दोबारा कभी इस गांव में आईं, तो उन्हें जान से खत्म कर दिया जाएगा। इस कृत्य से मौके पर दहशत का माहौल बन गया।

रौन थाने में दी गई लिखित शिकायत

इस अप्रिय घटना के तुरंत बाद महिला पटवारी ने रौन थाने का रुख किया और दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के जुर्म में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय पुलिस ने पटवारी के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध उचित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।