भिंड जिले में नवल किशोर शिवहरे नर्सिंग कॉलेज के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। सत्र 2020-21 से 2022-23 तक के ANM, GNM और B.Sc. नर्सिंग पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम पिछले छह साल से लंबित पड़े हैं। इसी बात से आक्रोशित होकर विद्यार्थियों ने रविवार को कड़े विरोध प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन के नाम तहसीलदार देवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
सुप्रीम कोर्ट के स्टे के कारण अटके हैं परिणाम
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने जानकारी दी कि नर्सिंग संस्थानों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने के कारण करीब 56 कॉलेजों के परिणाम अटके हुए हैं। हालांकि, अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के नतीजे पहले ही घोषित किए जा चुके हैं, लेकिन इन चुनिंदा कॉलेजों के युवाओं को अब तक अपने रिजल्ट का इंतजार करना पड़ रहा है।
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी संस्थानों की ओर से निर्धारित पूरी फीस जमा की थी और नियमानुसार अपनी परीक्षाएं भी दी थीं। इसके बावजूद उनके प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं, जिससे उनका शैक्षणिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
करियर और रोजगार के अवसरों से वंचित हो रहे युवा
विद्यार्थियों का कहना है कि समय पर अंकसूची या परिणाम न मिलने के कारण वे भारी मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। उनके पास अपनी अहर्ता का कोई वैध प्रमाण नहीं है, जिसके चलते वे न तो आगे की उच्च शिक्षा ले पा रहे हैं और न ही सरकारी या गैर-सरकारी क्षेत्र में निकलने वाली नर्सिंग की नौकरियों के लिए आवेदन कर पा रहे हैं।
छह साल का लंबा समय बीत जाने के बाद भी परिणाम न आने से हमारा भविष्य बर्बाद हो रहा है और हम नौकरियों के लिए आवेदन तक नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन से उच्च स्तर पर पत्राचार की मांग
तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए छात्र-छात्राओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लिया जाए। उन्होंने भोपाल स्थित DME, जबलपुर की MPMSU और MPNRC भोपाल के अधिकारियों से पत्राचार करने का अनुरोध किया है ताकि इन रुके हुए परिणामों को जल्द से जल्द जारी कराया जा सके।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!