भिंड जिले के गोहद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धमसा गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां बिना किसी वैध लाइसेंस के सेवईं और नूडल्स का निर्माण करने वाली एक फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था, जिसकी सूचना मिलने पर अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया।

दूसरे शहरों के पते से हो रही थी पैकिंग

जांच के दौरान टीम को पता चला कि इस कारखाने में तैयार होने वाली मोटी सेवईं को दूसरे जिलों के नाम और पते वाले पैकेटों में पैक किया जा रहा था। मौके पर 'रियल गोल्ड मोटी सेवईं' के पैकेट मिले, जिन पर ग्वालियर के परिवहन नगर का पता छपा हुआ था। इसके साथ ही 'नवजोत मोटी सेवईं' के पैकेटों पर झांसी के बिजौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित संत कृपा फूड प्रोडक्ट का पता दर्ज पाया गया।

मौके पर मिली भारी गंदगी और मक्खियां

फूड सेफ्टी अफसर रीना बंसल के नेतृत्व में जब टीम ने फैक्ट्री का जायजा लिया, तो वहां खाद्य सुरक्षा के नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई। तैयार हो रही सेवईं और नूडल्स के आसपास मक्खियां भिनभिना रही थीं और परिसर में साफ-सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा था।

प्रारंभिक पड़ताल में यह भी सामने आया कि इस कारखाने से तैयार माल की सप्लाई ग्वालियर और झांसी समेत आसपास के विभिन्न बाजारों में की जा रही थी।

लाखों का सामान और मैदा जब्त

कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से करीब 200 कट्टे मैदा बरामद किए, जिसमें हर कट्टे का वजन लगभग 50 किलोग्राम था। इसके अलावा तैयार सेवईं के लगभग 50 कार्टन और बड़ी संख्या में खाली रैपर व पैकेजिंग सामग्री भी हाथ लगी है। अधिकारियों के मुताबिक जब्त की गई कुल सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए आंकी गई है।

यह अवैध निर्माण इकाई ग्वालियर निवासी ब्रजेंद्र कुशवाहा द्वारा संचालित की जा रही थी। खाद्य उत्पादों के उत्पादन और पैकेजिंग के संबंध में संचालक कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका।

फैक्ट्री सील, अब होगी आगे की वैधानिक कार्रवाई

अनियमितताएं और गंभीर कमियां पाए जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर ही कारखाने को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई खाद्य सामग्री के नमूने प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।