भिंड जिले में सिंध नदी के किनारे स्थित गिरवासा रेत खदान एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। पिछले तीन दिनों से यहां रात के समय अवैध रेत खनन को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत माफिया सक्रिय हैं और मनमाने ढंग से खनन कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, असवार थाना क्षेत्र की इस खदान पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा रोक लगाई गई है, इसके बावजूद रात के अंधेरे में नदी से धड़ल्ले से रेत निकाली जा रही है। आरोप है कि लोडर संचालक अपने 7-8 ट्रैक्टरों से सीधे नदी से रेत भरकर डंप कर रहे हैं, जबकि अन्य ट्रैक्टर चालकों को रेत भरने से रोका जा रहा है। इसी बात को लेकर पिछले तीन दिनों से लगातार झगड़े और विवाद हो रहे हैं।

गोलीबारी और दहशत का माहौल

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात भी इसी खदान पर रेत भरने को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। इस दौरान नदी के दूसरे किनारे पर स्थित लिलवारी गांव की ओर से गोलीबारी की आवाजें सुनाई देने की बात सामने आई है। इस घटना के बाद गिरवासा क्षेत्र के निवासियों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है।

खूनी संघर्ष का पुराना इतिहास

गिरवासा रेत खदान का इतिहास खूनी संघर्षों से भरा रहा है। वर्ष 2015 में खदान के संचालन को लेकर हुए विवाद में विनोद यादव और सुरेंद्र गुर्जर नामक दो व्यक्तियों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद भी समय-समय पर यहां विवाद और गोलीबारी की घटनाएं सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बार फिर खदान पर माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है, जिससे पुरानी घटनाओं की पुनरावृत्ति का डर सता रहा है।

इस संबंध में असवार थाना प्रभारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस की पेट्रोलिंग टीम रात के समय रेत खदानों पर निगरानी रखती है। उन्हें अभी तक किसी विवाद या गोलीबारी की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि अवैध उत्खनन या किसी भी प्रकार के विवाद की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मटियावली में दबिश की अफवाह से हड़कंप

इसी बीच, लहार थाना क्षेत्र के मटियावली गांव में अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर माइनिंग विभाग द्वारा देर रात दबिश दिए जाने की अफवाह फैल गई। इस खबर से रेत के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, अफवाह फैलने के बावजूद खदान पर ट्रैक्टर और लोडर जमे रहे और खनन कार्य जारी रहा।