भिंड शहर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका परिषद कार्यालय के बाहर चल रहा सफाई कर्मचारियों का धरना मंगलवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। आंदोलनरत कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि पिछले तीन दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी रहने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।

प्रशासन की बेरुखी पर फूटा गुस्सा

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई आयोग के पूर्व सदस्य सुनील बाल्मीकि ने जिला प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि रक्षाबंधन के पर्व के बाद भी कर्मचारियों की मांगों का उचित निराकरण नहीं किया जाता है, तो मजबूरन कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा और इसके बाद अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

वेतन कटौती का गंभीर आरोप

सुनील बाल्मीकि के अनुसार, भिंड शहर में लगभग 100 स्थायी सफाई कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 300 से 400 अस्थायी कर्मचारी भी नगर की सफाई व्यवस्था संभाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी कर्मचारियों के वेतन से हर महीने लगभग 3 से 4 हजार रुपए की अनावश्यक कटौती की जा रही है, जिसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर पूरा भुगतान दिलाने की मांग की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि जिस प्रकार सीमा पर तैनात जवान देश की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार सफाई कर्मी शहर को स्वच्छ रखकर बीमारियों से बचाते हैं। वाल्मीकि समाज के लोग पीढ़ियों से इस कार्य से जुड़े हैं, लेकिन उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

त्योहार तक व्यवस्था रहेगी सुचारू

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि रक्षाबंधन भाई-बहन का पवित्र त्योहार है, इसलिए पर्व की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी फिलहाल शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने देंगे और काम जारी रखेंगे। हालांकि, त्योहार के बाद भी यदि सुनवाई नहीं हुई, तो कड़ा कदम उठाया जाएगा और शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।