दबोह कस्बे में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों से जुड़े एक अहम मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद की है। कार्यकर्ताओं ने स्थानीय उपतहसील कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की पुरजोर मांग
दिए गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि प्रदेशभर के शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को तुरंत बहाल किया जाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यह चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली के तहत कराए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों को अपने जनप्रतिनिधि सीधे चुनने का अधिकार मिल सके।
लोकतांत्रिक अधिकारों का माध्यम हैं छात्रसंघ चुनाव
इस दौरान शिवम रजक ने अपने संबोधन में कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवा वर्ग की लोकतांत्रिक आवाज और उनके अधिकारों का सबसे बड़ा जरिया होते हैं। लंबे समय से चुनाव न होने के कारण छात्र अपने इन बुनियादी अधिकारों से वंचित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से पारदर्शी तरीके से चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की बात कही।
ज्ञापन सौंपने के इस कार्यक्रम के दौरान संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें विशेष रूप से दिव्यांश कौरव, महासचिव अंशुल भास्कर और फरियाद पठान समेत अन्य छात्र कार्यकर्ता शामिल रहे जिन्होंने एकजुट होकर छात्रों की आवाज को शासन तक पहुंचाया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!