भिंड जिले के मौ कस्बे में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और औषधि प्रशासन की टीम द्वारा की गई औचक कार्रवाई से मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया। विभाग की इस अचानक कार्रवाई की भनक लगते ही कई दुकान संचालक अपने प्रतिष्ठान बंद कर मौके से फरार हो गए।
दुकानें बंद कर भागे संचालक
औषधि निरीक्षक डॉ. आकांक्षा गरुड़ अपनी टीम के साथ कस्बे में निरीक्षण के लिए पहुंची थीं। जांच के दौरान राणा मेडिकल स्टोर और मुस्कान मेडिकल स्टोर के संचालकों को कार्रवाई की भनक लग गई, जिसके बाद वे अपनी दुकानें बंद कर वहां से चले गए। औषधि विभाग ने इन दोनों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई प्रस्तावित की है।
इसके अलावा, अनमोल मेडिकल स्टोर पर औचक जांच के वक्त प्रोपराइटर या कोई सक्षम व्यक्ति मौके पर मौजूद नहीं मिला। उनकी जगह केवल केदार कुशवाह दुकान पर बैठे मिले, जिसे देखते हुए विभाग ने तुरंत इस मेडिकल स्टोर को बंद करा दिया।
सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेजे गए
निरीक्षण दल ने कस्बे के गौरी मंदाकिनी मेडिकल स्टोर, नवकर मेडिकल स्टोर, लक्ष्मी मेडिकल स्टोर, आदित्य मेडिकल स्टोर और अनमोल मेडिकल स्टोर की सघन जांच की। इनमें से नवकर, गौरी मंदाकिनी और आदित्य मेडिकल स्टोर से कुल छह अलग-अलग दवाओं के सैंपल लिए गए हैं।
ड्रग्स इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि इन सभी नमूनों को परीक्षण के लिए भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लैब से परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमों के तहत आगामी वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।
नियमों का पालन करने की हिदायत
कार्रवाई के दौरान औषधि निरीक्षक ने सभी दवा व्यापारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर मेडिकल स्टोर पर पंजीकृत फार्मासिस्ट या सक्षम व्यक्ति की उपस्थिति अनिवार्य है। साथ ही, नशे के रूप में दुरुपयोग की आशंका वाली दवाओं का पूरा स्टॉक रजिस्टर और क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड दुरुस्त रखना होगा, जिसे निरीक्षण के समय दिखाना अनिवार्य है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!